संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
भक्तों को भारी भरोसा रहे,
जो आवै शरण वाकी बहियाँ गहै।
दुष्टों के दल में मची खलबली, वृषभान की लली।
संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
राधा श्री राधा श्री राधा रहैं,
श्री राधा रटैं कोटि बाधा मिठें।
प्यारी जो लागें रंगीली गली, वृषभान की लली।
संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
त्रिभुवन पति यानें बस में किये,
जहाँ पग धरै श्याम नैना धरें।
छलिया ने बहु रूप धर-धर छली, वृषभान की लली।
संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
बरसाने वारी तू मेरी सहाय,
दीनन दया निधि दरश तो दिखाय।
राधा तपस्या करी सो फली, वृषभान की लली ॥
संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
राधा श्री राधा श्री राधा रहैं,
श्री राधा रटैं कोटि बाधा मिटैं।
प्यारी जो लागें रंगीली गली, वृषभान की लली।
संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली।
No comments:
Post a Comment