Saturday, October 28, 2023

भजन –> अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा

अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा
ओ जय भोला भंडारी गोरा के त्रिपुरारी
ओ राखियों लाज हमारी गोरा के त्रिपुरारी
भूत प्रेत नित करे चाकरी, सबका यहाँ गुज़ारा, 
अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ।।

बाघ बैल को हरदम, एक जगह पर राखे, 
कभी ना एक दूजे को, बुरी नज़र से ताके, 
कही और नही देखा हमने, ऐसा गजब नज़ारा, 
अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ।।

गणपति राखे चूहा, कभी सर्प नही छुआ, 
भोले सर्प लटकाए, कार्तिक मोर नचाए, 
आज का कानून नही है तेरा, अनुशाशित है सारे 
अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ।।

अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा, 
भूत प्रेत नित करे चाकरी, सबका यहाँ गुज़ारा, 
ओ जय भोला भंडारी गोरा के त्रिपुरारी
ओ राखियों लाज हमारी गोरा के त्रिपुरारी
भूत प्रेत नित करे चाकरी, सबका यहाँ गुज़ारा, 
अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ।।

भजन –> मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ

मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 
तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ

मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 
तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
कि सर भी उठाने के काबिल नहीं हूँ 
मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 
तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
कि सर भी उठाने के काबिल नहीं हूँ 

झोली फैलाऊं कैसे तेरे दर पे आके
जो पहले दिया हैं वही कम नहीं हैं 
मैं ज्यादा उठाने के काबिल नहीं हूँ 
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
जिसे मैं उठाने के काबिल नहीं हूँ 
मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 

ज़माने की चाहत में खुद को भुलाया 
ऋषियों ने संतों ने कितना समझाया 
गुनाहगार हूँ मै सजावार तेरा 
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
तुम्हें मुहँ दिखाने के काबिल नहीं हूँ 
मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 
तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 


तमन्ना यही है कि सर को झुका लूं
तेरा दीद एक बार जी भर के पालूं
शिवा दिल के टुकड़े के मेरे ओ बाबा
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
कुछ भी चढ़ने के काबिल नहीं हूँ 
मै आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ 
तेरे दर पे आने के काबिल नहीं हूँ
तेरी महरबानी का हैं बोझ इतना 
सर भी उठाने के काबिल नहीं हूँ 

Saturday, October 21, 2023

भजन –> दिल तुझको दिया ओ भोले नाथ

दिल तुझको दिया ओ भोले नाथ

तूने ऐसा डमरू बजाया
तूने ऐसा डमरू बजाया
मेरा मन हर लिया ओ भोलेनाथ
दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ
दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ
मेरे ओ भोलेनाथ, ओ भोलेनाथ

तेरे चरणों में ध्यान लगाया
तेरे चरणों में ध्यान लगाया
मुझे अपना लिया ओ भोलेनाथ
मुझे अपना लिया ओ भोलेनाथ
मेरे ओ भोलेनाथ, ओ भोलेनाथ

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ
अरे ओ भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ


मैं तो बैठी थी गंगा किनारे
मै तो बैठी थी गंगा किनारे
आके दर्शन दिया ओ भोलेनाथ
मेरे ओ भोलेनाथ, ओ भोलेनाथ
ये क्या कर दिया ओ भोलेनाथ

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ
दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ
अरे ओ भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ

Tuesday, October 17, 2023

भजन –> मैं तो कहूं बजा के ढोल कि भोला मेरा है

मैं तो कहूं बजा के ढोल कि भोला मेरा है
मेरा है वह तो मेरा है
मैं तो कहूं 
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल

कोई कहे भारी कोई कहे हल्का _2
मैंने लिया तराजू तोल कि भोला मेरा है
मेरा है
मेरा है
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल

कोई कहे महंगा कोई कहे सस्ता _2
मैंने लिया एक लोटा जल के मोल 
कि भोला मेरा है
मेरा है
मेरा है
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल

कोई कहे गोरा कोई कहे काला _2
वह तो वामदेव कहाए कि भोला मेरा है
मेरा है
मेरा है
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल

गणेश कहे मेरा कार्तिक कहे मेरा _2
वह तो खिंच आया मेरी ओर कि भोला मेरा है
मेरा है
मेरा है
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल

मैं भोले की /का भोला मेरा _2
चाहे सारे मचाओ शोर कि भोला मेरा है
मेरा है
मेरा है
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं
मैं तो कहूं बजा के ढोल







मैं तो कहूंगी बजा के ढोल गिरधर मेरा है
मेरा है वह तो मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे मोटा कोई कहे पतला
मैंने लिया तराजू तोल गिरधर मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे महंगा कोई कहे सस्ता
मैंने लिया प्रेम के मोल गिरधर मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे गोरा कोई कहे काला
मेरा सांवरिया चितचोर गिरधर मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

राधा कहे मेरा मीरा कहे मेरा
वह तो खींच आया मेरी ओर गिरधर मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

मैं गिरधर की गिरधर मेरा
चाहे सारे मचाओ शोर गिरधर मेरा है
मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

भजन –> तेरा रूप बड़ा विकराल कालका डर लागे,डर लागे माँ डर लागे,

तेरा रूप बड़ा विकराल कालका डर लागे,
डर लागे माँ डर लागे,

बागो में तू फिरे अकेली,
तेरे खुल गये सिर के बाल,
कालका डर लागे.....

शीश मियाँ तेरे टिका सोहे,
तेरे मुह में जीबा लाल,
कालका डर लागे.....

हाथ मैया तेरे चुडा सोहे,
तेरी महंगी करे कमाल,
कालका डर लागे.....

गल मैया तेरे हरवा सोहे,
तूने पड़ी मुंड की माला,
कालका डर लागे.....

कमर मैया तेरे गाग्डी सोहे,
माँ भवसार रूप विराल,
कालका डर लागे.....

पाओ तेरे मैया पायल सोहे,
तू चले गुमत की चाल,
कालका डर लागे.....

भजन –> मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे, लिरिक्स

मेरी रूठ गई माँ काली को मनाऊँ कैसे लिरिक्स

मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,
मनाऊँ कैसे, रिझाऊँ कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

आस पास कही डेरा नहीं है,
डेरा नहीं है, कही डेरा नहीं है,
दूर कलकाता मैं जाऊं कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

फूलों की माता माँ को भाती नहीं है,
भाती नहीं है, माँ को भाती नहीं है,
मुंडो की माला मैं लाऊं कैसे
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

लाल पीली चुनरी माँ को भाती नहीं है,
भाती नहीं है, माँ को भाती नहीं है,
काली चुनरिया मैं लाऊं कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

गंगा का पानी माँ को अच्छा नहीं लगता,
अच्छा नहीं लगता, माँ को अच्छा नहीं लगता,
मदिरा का पान कराऊ कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

नारियल की भेंट माँ को भाती नहीं है,
भाती नहीं है, माँ को भाती नहीं है,
बकरे की भेट चढ़ाऊं कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,
मनाऊँ कैसे, रिझाऊँ कैसे,
मेरी रूठ गई माँ कालका मनाऊँ कैसे,

भजन –> कलकते से रेल चली है, रेल चली दिलवालों की।मैंने पहना चोला काली का,

कलकते से रेल चली है, रेल चली दिलवालों की।
मैंने पहना चोला काली का,


कलकते से रेल चली है, रेल चली दिलवालों की।मैंने पहना झोला काली का। मैंने पहना चोला काली का।

लोहे का तो फूल बनवाया,फूल बनवाया जाली का।मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का

छम छम करती आई मेरी मैया, मैया हो गई मतवाली। मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

पान सुपारी लॉन्ग बताशे, पी रही प्याला मतवाला।मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

लॉन्ग बतासे खा कर मैया, मैया हो गई मतवाली।मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

हाथ में खप्पर मुंडो की माला मैया हो गई विकराली।मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

दुष्टों का संघार कराया जीव निकाली मतवाली। मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

सब भक्तों को दर्शन दे गई शोर मचा है गली गली। मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

कलकते से रेल चली है, रेल चली दिलवालों की।मैंने पहना झोला काली का।मैंने पहना चोला काली का।

Tuesday, October 10, 2023

भजन –> भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।

भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।
शंभू नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।

कोई नहीं रे यहां कोई नहीं।

भोले बाबा से निराला, यहां कोई और नहीं।

ऐसा बिगड़ी बनाने वाला, यहां कोई और नहीं॥

भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।
शंभू नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।

शिव का डमरू डम डम बोले, अगम निगम के भेद खोले।
ऐसा डमरू बजाने वाला, कोई और नहीं॥

भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।
शंभू नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।

काया जब जब करवट बदले, पाप चमकते अगले पिछले।
ऐसा जोग जगाने वाला, कोई और नहीं॥

भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।
शंभू नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।

तुमने जग का कष्ट मिटाया, बाबा मुझको क्यों बिसराया।
ऐसा भक्तो का रखवाला‌, कोई और नहीं॥

भोले नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।
शंभू नाथ से निराला, यहां कोई और नहीं।


भजन –> शिव के सिवा कहीं दिल ना लगाना,

शिव के सिवा कहीं दिल ना लगाना,
नहीं तो पड़ेगा तुझे आँसू बहाना।।

भोले के सिवा कहीं दिल ना लगाना,
वरना पड़ेगा तुझे आँसू बहाना।।

होओओ जो शिव का गुणगान किया है,
सच्चा जीवन वो ही जिया है,
सुमिरन के बल से तुझे, मुक्ति है पाना ।।

शिव के सिवा कहीं दिल ना लगाना,
नहीं तो पड़ेगा तुझे आँसू बहाना।।

होओओ बालपन गया आज जवां है, 
बीत गया अब समय कहाँ है,
सोच समझ के, वक़्त गवाना ।।

शिव के सिवा कहीं दिल ना लगाना,
वरना पड़ेगा तुझे आँसू बहाना।।

भोले के सिवा कहीं दिल ना लगाना।।

होओओ आया जहां से वही फिर है जाना,
वहां साथ जाएगा ना पैसा खजाना,
पूछेगा तो क्या करोगे बहाना।।

भोले के सिवा कहीं दिल ना लगाना
वरना पड़ेगा तुझे आँसू बहाना।।

हर हर महादेव

भोले के सिवा कहीं दिल ना लगाना,

Monday, October 9, 2023

भजन –> मुक्ति का कोई तूँ जतन करले रे,रोज थोड़ा थोड़ा शिव का भजन करले ।

मुक्ति का कोई तूँ जतन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा शिव का भजन करले ।
मुक्ति का कोई तूँ ...

भक्ति करेगा तो बड़ा ही फल पाएगा,
भक्ति से आत्मा का मैल छूट जाएगा ।
आत्मा के साथ साथ मन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा शिव का भजन करले ॥
मुक्ति का कोई तूँ ...

संगत कर अच्छे लोगों की,
दवा मिल जाएगी सभी रोगों की ।
ज़िंदगी को अपनी चमन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा शिव का भजन करले ॥
मुक्ति का कोई तूँ ...

भजन –> अब दया करो हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में

अब दया करो  हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में

मेरे सिर पे रख दो अपना हाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में 
अब दया करो हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में 

तेरे चरणों में हो मेरा माथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में

अब दया करो  हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में 

तेरे द्वार खड़े हैं रख ले लाज मस्त रहूं तेरी मस्ती में

अब दया करो  हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में 

मैं तो झूम झूम के नाचूं आज मस्त रहूं तेरी मस्ती में

अब दया करो  हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में 

Saturday, October 7, 2023

भजन –> सुनके भक्तों की पुकार होके नंदी पे सवार,

सुनके भक्तों की पुकार होके नंदी पे सवार,
काशी नगरी से आये हैं मेरे भोलेनाथ।

भस्मी रमाये देवा डमरू बजाये,
कैसा निराला भोले रूप बनाये।
गले सर्पो की है माल होके नंदी पे सवार,
काशी नगरी से आये हैं मेरे भोलेनाथ।

मृग छाला पहने जटाओ में गंगा,
चम चम चमकता है माथे पे चंदा,
गौरी मैया के श्रृंगार होके नंदी में सवार,
काशी नगरी से आये हैं मेरे भोलेनाथ।

देवों के देव इनकी महिमा महान है,
भोले भक्तों के ये तो भोले भगवान है,
करने भक्तों का उद्धार होके नंदी पे सवार,
काशी नगरी से आये हैं भोले शंकर....

भजन –> पुजारी खोल जरा पट द्वार

पुजारी खोल जरा पट द्वार 
पुजारी खोल जरा पट द्वार 

बंद कोठरी में है बैठा मेरा महाकाल सरकार
पुजारी खोल जरा पट द्वार

पुजारी खोल जरा पट द्वार 
तेरी आस लगा बैठा हूं अपना आप मिटा बैठा हूं
मेरे भोले मेरे शंभू दर्शन दो एक बार 

पुजारी खोल जरा पट द्वार
पुजारी खोल जरा पर द्वार 
बंद कोठरी में है बैठा बाबा महाकाल सरकार

पुजारी खोल जरा पट द्वार
पुजारी खोल जरा पट द्वार

आनंद धन यहां बरस रहा है पत्ता पत्ता हरष रहा है
मेरे शंभू मेरे भोले दर्शन दो एक बार

पुजारी खोल जरा पट द्वार
पुजारी खोल जरा पट द्वार

बंद कोठरी में है बैठा बाबा महाकाल सरकार
पुजारी खोल जरा पट द्वार
पुजारी खोल जरा पट द्वार

Monday, October 2, 2023

भजन –> मेरे भोले में वो जादू है

मेरे भोले में वो जादू है
मेरे भोले  में वो जादू है
बिन डोर खिंचा जाता हूँ
जाना होता है और कही
तेरी ओर चला आता हूँ
तेरी ओर चला आता हूँ

मेरे भोले में वो जादू है
तेरी हीरे जैसी आँखे
आँखों में है लाखो बातें
बातों में रस की बरसाते
मुझमे भक्ति की प्यास जगाये
तू जो एक नजर डाले 
जी उठते मरने वाले
नयन तेरे अमृत के प्याले
दिल मै जीने की आस बढाये
चल पड़ते हैं तेरे ओर कदम
मैं रोक नहीं पाता हूँ
मैं रोक नहीं पाता हूँ

मेरे भोले में वो जादू है
जब से तुझको देखा है
देख के खुदा माना है
मानके दिल यह कहता है
मेरी खुशियों का तू है खजाना
देदे भक्ति की मंजूरी
करदे कमी तेरी पूरी
तुझसे थोडी भी दुरी
मुझको करती है दीवाना
पाना तुझ्को मुश्किल ही सही
पाने को मचल जाता हूँ
पाने को मचल जाता हूँ
तेरे चेहरे में वो जादू है
बिन डोर खिंचा जाता हूँ
जाना होता है और कही
तेरी ओर चला आता हूँ
तेरी ओर चला आता हूँ
मेरे भोले में वो जादू है

*गंगा स्नान हरिद्वार के सेवा शुल्क में ₹100 की छूट*  🚩 *श्री गणेशायः नमः* 🚩 🌹 *कार्तिक* मास में *हरिद्वार* में पवित्र *गंगा स्नान* जाने क...