Thursday, September 28, 2023
भजन –> बड़ी दूर से चलकर आया हूं मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए
Tuesday, September 19, 2023
हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं ।
हरि ओम में ओम समाया है मेरा भोला नगर में आया है।
Sunday, September 17, 2023
बड़ी सुन्दर है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है…
बड़ी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनकी जटा में गंगा विराजे,
गंगा बहाते चले आ रहे है,
उनके माथे पे चंदा विराजे,
वो चमकाते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनके कानो में बिच्छु विराजे,
वो लटकाते चले आ रहे है,
उनके गले में नाग विराजे,
वो लहराते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनके हाथो में डमरू विराजे ,
वो बजाते चले आ रहे है,
उनके अंगो में बाघम्बर छाला,
वो पहन कर चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है, माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनके पैरो में घुघरू विराजे,
वो बजाते चले आ रहे है,
उनके संग में गौर मैया सोहे,
जोड़ी बना कर चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है, माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनके चरणों में नंदी विराजे,
वो घुमाते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर, है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी ओ डमरू वाले से मिलना बड़ा जरुरी
Friday, September 15, 2023
यहां सबको है अपनी पड़ी कथा सुन ले घड़ी दो घड़ी ।
Tuesday, September 12, 2023
भजन –भोले बाबा ने ऐसा, बजाया डमरू सारा कैलाश मग्न हो गया…
भोले बाबा ने ऐसा, बजाया डमरू बजाया डमरू
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके ब्रह्मा चले,
यहां ब्रह्मा चले वहां विष्णु चले,
वहां लक्ष्मी का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके गंगा चले,
गंगा चले वहां यमुना चले,
वहां सरयू का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके सूरज चले
यहां सूरज चले वहां चंदा चले
वहां तारों का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके कान्हा चले,
यहां कान्हा चले वहां राधा भी चले,
वहां सखिओं का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
सुन डमरू की आवाज़ गणपत चले,
यहां गणपत चले वहां कार्तिक चले,
वहां अम्बे का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
यहां राम चले वहां सीता चले
लक्ष्मण का मन भी मग्न हो गया,
भोले बाबा ने ऐसा बजाया डमरू,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
Saturday, September 9, 2023
भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो जैसी भावना लाया, वो वैसा ही फल पाया
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
भर दिया भण्डार काशी वाले नेकर दिया मालामाल काशी वाले ने
जैसी जो भावना लाया,
नहीं खाली उसे लौठाया,
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो लगन लगाया सच्ची है
नैया को पार लगाया,
जिसने श्रृंगार सजाया,
जिसने मांगा है बेटा,
वो मन ही मन हर्षाया,
Saturday, September 2, 2023
इक झोली मे फूल भरे है,इक झोली में कांटे,
कामाख्या कलश
*गंगा स्नान हरिद्वार के सेवा शुल्क में ₹100 की छूट* 🚩 *श्री गणेशायः नमः* 🚩 🌹 *कार्तिक* मास में *हरिद्वार* में पवित्र *गंगा स्नान* जाने क...
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तेरी पल पल उमर घटे, रे मन बावरे। तेरी पल पल उमर घटे, रे मन बावरे। तू क्यों ना भजनकरें मन बावरे। तेरी पल पल उमर घटे, रे मन बावरे।...
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संकट हरेंगी करेंगी भली वृषभान की लली। भक्तों को भारी भरोसा रहे, जो आवै शरण वाकी बहियाँ गहै। दुष्टों के दल में मची खलबली, वृषभा...
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भोग आरती श्याम रसिया मेरे मन बसिया रूचि रूचि भोग लगाओ रसिया। श्याम रसिया मेरे मन बसिया रूचि रूचि भोग लगाओ रसिया। रूचि रूचि भोग...