भोले बाबा ने ऐसा, बजाया डमरू बजाया डमरू
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके ब्रह्मा चले,
यहां ब्रह्मा चले वहां विष्णु चले,
वहां लक्ष्मी का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके गंगा चले,
गंगा चले वहां यमुना चले,
वहां सरयू का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके सूरज चले
यहां सूरज चले वहां चंदा चले
वहां तारों का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
डमरू की धुन सुनके कान्हा चले,
यहां कान्हा चले वहां राधा भी चले,
वहां सखिओं का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
सुन डमरू की आवाज़ गणपत चले,
यहां गणपत चले वहां कार्तिक चले,
वहां अम्बे का मन भी मग्न हो गया,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
यहां राम चले वहां सीता चले
लक्ष्मण का मन भी मग्न हो गया,
भोले बाबा ने ऐसा बजाया डमरू,
सारा कैलाश परबत मग्न हो गया…
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