भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
लुटा दिया हां लुटा दिया
लुटा दिया हां लुटा दिया
लुटा दिया हां लुटा दिया
लुटा दिया हां लुटा दिया
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
अरे लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो जैसी भावना लाया, वो वैसा ही फल पाया
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो जैसी भावना लाया, वो वैसा ही फल पाया
जो जैसी भावना लाया, वो वैसा ही फल पाया
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जैसी जो भावना लाया,
नहीं खाली उसे लौठाया, वो मन ही मन हरषाया
नहीं खाली उसे लौठाया, वो मन ही मन हरषाया
कर दिया उसे निहाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो लगन लगाया सच्ची, है उसकी नाव ना अटकी ।
कर दिया उसे निहाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
अरे लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
अरे लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
जो लगन लगाया सच्ची, है उसकी नाव ना अटकी ।
बेड़ो को पार लगाया, नहीं देर करी पल भर की |
बेड़ो को पार लगाया, नहीं देर करी पल भर की |
मिटा दिया जंजाल काशी वाले ने,
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
मिटा दिया जंजाल काशी वाले ने, कर दिया मालामाल काशी वाले ने
ओ कर दिया मालामाल काशी वाले ने
ओ कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
चरणों की किया जो सेवा, वो पाया मिश्री मेवा |
चरणों की किया जो सेवा, वो पाया मिश्री मेवा |
चरणों की किया जो सेवा, वो पाया मिश्री मेवा |
चरणों की किया जो सेवा, वो पाया मिश्री मेवा |
जिसने है मांगा बेटा, वो चाँद सा टुकड़ा पाया |
जिसने है मांगा बेटा, वो चाँद सा टुकड़ा पाया |
कर दिया फिर खुशहाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया सब को निहाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने
अरे लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
कर दिया मालामाल काशी वाले ने । हो ।
अरे लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
भर दिया भण्डार काशी वाले नेकर दिया मालामाल काशी वाले ने
जैसी जो भावना लाया,
वैसा ही वो फल पाया
नहीं खाली उसे लौठाया,
नहीं खाली उसे लौठाया,
वो मन ही मन हरषाया
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने
जो लगन लगाया सच्ची है
जो लगन लगाया सच्ची है
तो उसकी नाव ना अटकी
नैया को पार लगाया,
नैया को पार लगाया,
नहीं देर करी वो पल की |
जिसने श्रृंगार सजाया,
मिटा दिया जंजाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने
जिसने श्रृंगार सजाया,
बाबा का दर्शन पाया
जिसने मांगा है बेटा,
जिसने मांगा है बेटा,
वो चाँद सा टुकड़ा पाया |
चरणों की किया जो सेवा,
कर दिया मालामाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने
वो पाया मिश्री मेवा |
वो मन ही मन हर्षाया,
वो मन ही मन हर्षाया,
नैनों में रूप समाया |
कर दिया सब को निहाल काशी वाले ने
भर दिया भण्डार काशी वाले ने
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