शॉर्ट फिल्म कैसे बनाएं
एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट एंड साइंस के मुताबिक जिस फिल्म की अवधि 40 मिनट से कम हो वह शॉर्ट फिल्म की कैटेगरी में आती है।
यदि आप फिल्म मेकिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो शॉर्ट फिल्म से ही शुरुआत करें और नए नए अनुभव एकत्रित करें। आप एक्टर हो या डायरेक्टर हो या फिल्म एडिटर आपको शॉर्ट फिल्म से ही काम की शुरुआत करनी चाहिए।
यह तो सभी जानते हैं कि नए फिल्मकार और कलाकार को फिल्मों में काम के बारे में ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं होती इसलिए वे शॉर्ट फिल्मों में काम करके अपनी काबिलियत दिखाने का प्रयास करते हैं। इन्हीं शॉर्ट फिल्मों के काम को देख कर उन्हें आगे के बड़ी फिल्मों में काम करने या काम पाने का मौका मिलता है।
आजकल नए-नए लोग शॉर्ट फिल्म में अपना कैरियर बनाने के साथ-साथ उसे बिजनेस के रूप में भी अपना थे जा रहे हैं क्योंकि यह बिजनेस का भी एक रूप लेता जा रहा है।
आइए हम इसके प्रमुख कन्टेंटस के बारे में आपको बताने का प्रयास करते हैं।
(१) साउथ फिल्मों की पॉपुलरिटी का क्या कारण है?
१.१ ऑडियंस या दर्शक
१.२ फ्री अवेलेबिलिटी फॉर ऑडियंस दर्शकों को मुफ्त में मिलना
१.३ ड्यूरेशन या समय अवधि
(२) व्हाय न्यू फिल्म मेकर्स मेक ए शॉर्ट फिल्म नई फिल्म मेकर्स शॉर्ट फिल्म क्यों बनाते हैं?
२.१ फाॅर एक्सपीरियंस या अनुभव के लिए
२.२ फॉर बजट या बजट के कारण
(३) शॉर्ट फिल्म कैसे बनाएं
३.१ सिलेक्ट ए शार्ट स्क्रिप्ट एक छोटी स्क्रिप्ट चुने
३.२ फाइंड डेडीकेटेड कास्ट एंड क्रीम अपने साथ काम करने वाले डेडीकेटेड लोगों को चुने।
३.३ स्काउट फोर फिल्म लोकेशन
३.४ सिलेक्ट ए गुड कैमरा या एक अच्छे कैमरे का चुनाव करें
३.५ सिलेक्ट ए गुड एडिटर 2 फिल्म फिल्म की एडिटिंग के लिए अच्छे एडिटर का चुनाव करें।
३.६ लुक विद कास्ट एंड क्रु मेंबर्स
३.७ आफ्टर एडवाइजिंग ऑफ एवरीबडी रिलीज इट या सबकी सलाह के बाद इसी रिलीज करें।
१.१ ऑडियंस या एक दर्शक कौन?
शॉर्ट फिल्म की ज्यादा कामयाबी का राज है और यस शॉर्ट फिल्म ऑनलाइन माध्यम से दर्शकों को आसानी से मिल जाती है जिससे दर्शक घर बैठकर अपने मोबाइल से कंप्यूटर के माध्यम से से देख पाते हैं बड़ी फिल्मों की को देखने के लिए दर्शकों को थिएटर या सिनेमा हॉल या मल्टीप्लैक्स में जाना होता है जो बहुत खर्चीला भी होता है।
१.२ बड़ी फिल्मों की को देखने के लिए दर्शकों को थिएटर या सिनेमा हॉल या मल्टीप्लैक्स में जाना होता है जो बहुत खर्चीला भी होता है।जबकि शॉर्ट फिल्म जिस प्लेटफार्म पर रिलीज होती हैं अक्सर भी फ्री होती हैं जिसमें ऑडियंस को कोई पैसा नहीं देना होता।
१.३ फिल्मों के लोग केवल मनोरंजन अर्थात एंटरटेनमेंट के लिए देखते हैं वर्तमान की भागदौड़ वाली जिंदगी में उनके पास समय का अभाव है पर जीवन में एंटरटेनमेंट अर्थात मनोरंजन का एक बहुत अहम भूमिका है इसी के लिए लोग जब ऑफिस या घर में थक हार कर बैठ जाते हैं तो फिल्म देखने का प्रयास करते हैं जबकि बड़ी फिल्मों को देखने के लिए उनके पास ज्यादा समय नहीं होता। इसलिए वह 5 मिनट से लेकर 40 मिनट तक की अवधि वाले शॉर्ट फिल्मों को देख कर जल्दी से इसे कंप्लीट करना चाहते हैं यह शॉर्ट फिल्में शॉर्ट स्टोरीज पर बेस्ड होती हैं और एक कहानी के माध्यम से उनका मनोरंजन कर देती हैं।
नोट :– इस प्रकार हम कह सकते हैं कि शॉर्ट फिल्म मेकिंग की उत्पत्ति लोगों की व्यस्त जिंदगी को देखकर शुरू हुई। वास्तव में शॉर्ट फिल्म मेकिंग का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि कम समय में एक पूरी कहानी को फिल्म के माध्यम से फिल्मांकन करके लोगों तक पहुंचाना।
(२) व्हाय न्यू फिल्म मेकर्स मेक ए शॉर्ट फिल्म नई फिल्म मेकर्स शॉर्ट फिल्म क्यों बनाते हैं?
अपने अनुभव और स्किल्स को बढ़ाने और बजट को ध्यान में रखते हुए शार्ट फिल्म बनाई जाती है।
२.१ एक्सपीरियंस या अनुभव के लिए
जब नए एक्टर डायरेक्टर प्रोड्यूसर आदि फिल्म इंडस्ट्रीज में काम की तलाश में जाते हैं तो उनसे पिछला अनुभव पूछ ही लिया जाता है कि उन्होंने कोई फिल्म की है या नहीं।
इसलिए नए फिल्मकार, एक्टर, डायरेक्टर आदि अक़्सर शॉर्ट फिल्म से ही अपने कैरियर की शुरुआत करते हैं और शॉर्ट फिल्म में जितने भी कलाकार होते हैं डायरेक्टर प्रोड्यूसर सबको अपने टैलेंट दिखाने, अनुभव और स्किल्स प्राप्त करने का मौका प्राप्त होता है।
इस प्रकार हम पाते हैं कि टैलेंटेड कार्य एक्टर डायरेक्टर एडिटर भी बिना शार्ट फिल्म बनाएं अपना टैलेंट या अनुभव दूसरे को कैसे बताएंगे। इसीलिए इसीलिए उन्हें शार्ट फिल्म बनानी चाहिए और मैं काम आदि करना चाहिए और नए लोगों को भी मौका देना चाहिए।
इस स्थिति में शॉर्ट फिल्म ही एक रास्ता बचता है जिसकी मदद से नए आर्टिस्ट अपना डेमो रील तैयार कर सकते हैं और उस डेमो रील को अपने पोर्टफोलियो के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं शुरुआत में चाहे वह फिल्म राइटर हूं या डायरेक्टर या एक्टर सभी को बड़ी फिल्मों में काम नहीं मिलता उन्हें शार्ट फिल्म से ही मदद मिलती है।
शॉर्ट फिल्म करने से उन्हें फिल्म मेकिंग के सारे प्रोसेस या तौर तरीके का पता चल जाता है और एक बेसिक अनुभव हो जाता है कि किस तरह से फिल्म इंडस्ट्री के अंदर काम करना है या अपनी फिल्म को सक्सेस करना है इससे उन्हें अपने कैरियर को बनाने और काम ढूंढने में आसानी होती है।
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