राधे तेरी कृपा से, सब काम हो रहा है।
करती हो केवल तुम ही, मेरा नाम हो रहा है॥
बिन तेरी इच्छा , पत्ता भी नहीं हिलता ।
फिर क्यों यह मेरी, सांस सांस चल रही है।
पतवार छूट गई थी, जगत के भंवर में मेेेेेेरी ।
मुझे पर है तेरी कृपा, जो यह काम हो रहा है।
राधे तेरी कृपा से, सब काम हो रहा है।
करती हो तुम ही राधे, मेरा नाम हो रहा है॥
तू जानता है सब, फिर क्यों कहूं मैं मनकी।
मेरी ज़िन्दगी बदल दी, नजरें इनायत करके।।
धीरे धीरे ये सेवक, अब खासमखास हो रहा है।
मुझे पर है तेरी कृपा, जो यह काम हो रहा है।
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है।
करती हो तुम राधे, मेरा नाम हो रहा है॥
पतवार छूट गई थी, जगत के भंवर में मेेेेेेरी ।
आश छूटने लगी तो, आकर तूने बचाया।।
राधा नाम का मंतर, मुझको था याद दिलाया।
तब से ये तन और मन मेरा, राधा नाम जप रहा है।
राधे तेरी कृपा से, सब काम हो रहा है।
करती हो केवल तुम ही, मेरा नाम हो रहा है॥
मंजिल भी मिल गई है, शाहिल भी मिल गया है।
दरबार मिल गया है, दाता भी मिल गया है।
हर काम अब मेरा खुद से खुद हो रहा है।
राधे तेरी कृपा से, सब काम हो रहा है।
करती हो केवल तुम ही, मेरा नाम हो रहा है॥
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