Thursday, November 2, 2023

भजन –> सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,

भाग 01
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺
सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺

सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।

ह्रदय मेंऽ माँ गौरी लक्ष्मी, कंठ शारदा माता हैऽ, 2
जो भी मुख से वचन कहें, 
वो वचन सिद्ध हो जाता है,
वचन सिद्ध हो जाता है, 
है गुरु ब्रह्मा है गुरु विष्णुऽऽऽ 
है गुरु ब्रह्मा है गुरु विष्णु, है शंकर भगवान आपके चरणो मेंऽ, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।

जनम के दाता मात पिता है, आप करम केऽ दाता है, 2
आप मिलाते है ईश्वर से, आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन कोऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन को, मिलता है आराम आपके चरणो मेंऽऽ, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणोऽ में ।।
चरणोऽ में ।।
.....2

निर्बल को बलवान बना दोऽऽ, मूर्ख को गुणवान प्रभु, 2
'श्रोता' और 'दर्शक' को भी, 
ज्ञान का दो वरदान प्रभुऽ, 
ज्ञान का दो वरदान प्रभु
हे महादानी हे महाज्ञानीऽऽऽ, 
हे महादानी हे महाज्ञानी, 
रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणो मेंऽ, हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।

दोहा 
कर्ता करे न कर सके, पर गुरु करे सब होय, 
सात द्वीप और नौ खंड में, गुरु से बड़ा ना कोयऽऽ ।
प्यारे गुरु से बड़ा ना कोय ।

मैं तो सात समुन्द्र की मसि करूं, लेखनी सब वन राय, 
सब धरती कागज़ करूँ, पर गुरु गुण लिखा ना जाए।।
प्यारे गुरु गुण लिखा ना जाए।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।।
मेरे बाबा हाय।
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽऽऽ

भाग 02
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺
सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺


सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।

ह्रदय मेंऽ माँ गौरी, लक्ष्मी, कंठ शारदा माता हैऽ, 2
जो भी मुख से वचन कहें, 
वो वचन सिद्ध हो जाता है,
वचन सिद्ध हो जाता है, 
हे गुरु ब्रह्मा हे गुरु विष्णुऽऽऽ 
हे गुरु ब्रह्मा हे गुरु विष्णु, हे शंकर भगवान आपके चरणो मेंऽ, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।

जनम के दाता मात पिता है, आप करम केऽ दाता है, 2
आप मिलाते है ईश्वर से, आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन कोऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन को, मिलता है आराम आपके चरणो मेंऽऽ, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणोऽ में ।।
चरणोऽ में ।।
.....2

निर्बल को बलवान बना दोऽऽ, मूर्ख को गुणवान प्रभु, 2
'श्रोता' और 'दर्शक' को भीऽऽ, 
'श्रोता' और 'दर्शक' को भी
ज्ञान का दो वरदान प्रभुऽ, 
ज्ञान का दो वरदान प्रभु
हे महादानी हे महाज्ञानीऽऽऽ, 
हे महादानी हे महाज्ञानी, 
रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणो मेंऽ, हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।

दोहा 
कर्ता करे न कर सके, पर बाबा करे सब होय, 
सात द्वीप और नौ खंड में, बाबा से बड़ा ना कोयऽऽ ।
प्यारे बाबा से बड़ा ना कोय ।

मैं तो सात समुन्द्र की मसि करूं, लेखनी सब वन राय, 
सब धरती कागज़ करूँ, पर शिव गुण लिखा ना जाए।।
प्यारे शिव गुण लिखा ना जाए।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे भोलेनाथ प्रणाम आपके चरणो में ।।
मेरे बाबा हाय।
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽऽऽ



भाग 03
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺
सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।
🌺🌺🌺🌺🌺🪷🪷🪷🪷🪷🌺🌺🌺🌺🌺


सारे तीरथ धाम आपकेऽ चरणों मेंऽऽ,
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।

ह्रदय मेंऽ कीर्ति, गौरी, लक्ष्मी, कंठ शारदा माता हैऽ, 
ह्रदय मेंऽ कीर्ति, गौरी, लक्ष्मी, कंठ शारदा माता हैऽ, 
जो भी मुख से वचन कहें, 
वो वचन सिद्ध हो जाता है,
वचन सिद्ध हो जाता है, 
हे गुरु ब्रह्मा हे गुरु विष्णुऽऽऽ 
हे गुरु ब्रह्मा हे गुरु विष्णु, हे शंकर भगवान आपके चरणो मेंऽ, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।

जनम के दाता मात पिता है, आप करम केऽ दाता है, 2
आप मिलाते है ईश्वर से, आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
आप ही भाग्य विधाता हैंऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन कोऽऽ, 
दुखिया मन को रोगी तन को, मिलता है आराम आपके चरणो मेंऽऽ, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणोऽ में ।।
चरणोऽ में ।।
.....2

निर्बल को बलवान बना दोऽऽ, मूर्ख को गुणवान प्रभु, 2
'श्रोता' और 'दर्शक' को भीऽऽ, 
'श्रोता' और 'दर्शक' को भी
ज्ञान का दो वरदान प्रभुऽ, 
ज्ञान का दो वरदान प्रभु
हे महादानी हे महाज्ञानीऽऽऽ, 
हे महादानी हे महाज्ञानी, 
रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणो मेंऽ, हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।
चरणो मेंऽ ।।

दोहा 
कर्ता करे न कर सके, पर बाबा करे सब होय, 
सात द्वीप और नौ खंड में, श्रीजी से बड़ा ना कोयऽऽ ।
प्यारे श्रीजी से बड़ा ना कोय ।

मैं तो सात समुन्द्र की मसि करूं, लेखनी सब वन राय, 
सब धरती कागज़ करूँ, पर श्रीजी गुण लिखा ना जाए।।
प्यारे श्रीजी गुण लिखा ना जाए।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।

सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, 
हे श्रीजी प्रणाम आपके चरणो में ।।
मेरे बाबा हाय।
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽ
मेरे बाबाऽऽऽऽ


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