एक दिन अनूप जलोटा ने इंटरव्यू देने के लिए रेडियो स्टूडियो जाने के लिए टैक्सी ली।
वहां पहुंचने के बाद, अनूप जलोटा ने ड्राइवर से कहा,, 40 मिनट तक रुक जाओ, मैं अभी आता हूं, लेकिन ड्राइवर ने असमर्थता प्रकट करते हुए कहा, कि सर मै रुकने में असमर्थ हूं, क्यूंकि मुझे घर जा के रेडियो पर अनूप जलोटा का इंटरव्यू सुनना है!
अनूप जलोटा मुस्कुराए और उन्होंने अपनी पहचान बिना बताए, टैक्सी ड्राइवर को 100 की जगह 500 का नोट थमा दिया......
ड्राइवर ने विनम्रता से 500 का नोट हाथ में लिया और बोला - "सर, मै आपका यहीं इंतज़ार करूंगा, ऐसी की तेसी अनूप जलोटा की।"
सरस्वती के उपासक ने देखा कि सरस्वती और लक्ष्मी जी प्रतिस्पर्धा में लक्ष्मी जी जीत गयी वाह रे समाज किसी ने सच कहा है अगूंठा छाप धनवान के आगे महान विद्वान बेकार है।
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