Monday, November 27, 2023

भजन –> श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े |
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े |
तोपे चढ़े, तोपे चढ़े दूध की धार, ओ धार,  तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

तेरे कानन कुंडल सोहे रहे,
तेरे कानन कुंडल सोहे रहे |
तेरे कानन कुंडल सोहे रहे |
तेरे कानन कुंडल साज रहे |
तेरी ठोड़ी पे, तेरी ठोड़ी पे हीरा लाल, ओ लाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरी छाती, तेरी छाती बनी विशाल, ओ विशाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

तेरी सात कोस की परिकक्मा,
तेरी सात कोस की परिकक्मा |
तेरी सात कोस की परिकक्मा,
तेरी सात कोस की परिकक्मा |
और चकलेश्वर, और चकलेश्वर विश्राम, ओ विश्राम, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई चंढे, कोई चंढे रे घोड़ा गाड़ी, ओ गाड़ी, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
करें दंडवत, करें दंडवत प्रणाम; ओ प्रणाम, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को


श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
संग हरी दर्शन, संग हरी दर्शन परिवार; ओ परिवार, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ||

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श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

तोपे पान चढ़ाऊं तोपे फूल चढ़ाऊं,
तोपे पान चढ़ाऊं तोपे फूल चढ़ाऊं,
तोपे पान चढ़ाऊं तोपे फूल चढ़ाऊं,,
तोपे पान चढ़ाऊं तोपे फूल चढ़ाऊं,
तोपे चढ़ाऊं, तोपे चढ़ाऊं दूध की धार, ओ धार,  
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

तेरे कानन कुंडल सोहे रहे,
तेरे कानन कुंडल सोहे रहे |
तेरे कानन कुंडल सोहे रहे |
तेरे कानन कुंडल साज रहे |
तेरी ठोड़ी पे, तेरी ठोड़ी पे हीरा लाल, ओ लाल, मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरे गले में कंठा सोहे रहो।
तेरी छाती, तेरी छाती बनी विशाल, ओ विशाल, मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

तेरी सात कोस की परिकक्मा,
तेरी सात कोस की परिकक्मा |
तेरी सात कोस की परिकक्मा,
तेरी सात कोस की परिकक्मा |
और चकलेश्वर, और चकलेश्वर विश्राम, ओ विश्राम, मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई नंगे पैर करे परिकक्मा 
कोई चंढे, कोई चंढे रे घोड़ा गाड़ी, ओ गाड़ी,  मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
लोट लोट कर धरा पे तेरी
करें दंडवत, करें दंडवत प्रणाम; ओ प्रणाम,  मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को
तेरे माथे बिन्दा रोली को
जामे दिए हैं अक्षत, जामे दिए हैं अक्षत डार, ओ डार , मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
खुश होकर गाएं भक्त तुम्हारे
संग हरी दर्शन, संग हरी दर्शन परिवार; ओ परिवार,  मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

श्री गोवर्धन महराज महराज,
मन तेरे दर्शन को तराश रह्यो ||

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श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, 
तोपे चढ़े दूध की धार, ओ धार, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।।

तेरे कानन कुंडल साज रहे, तेरे कानन कुंडल साज रहे, 
ठोड़ी पे हिरा लाल, ओ लाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तेरे गले में कंठा सोने को, तेरे गले में कंठा सोने को, 
तेरी झांकी बनी विशाल, विशाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तेरी सात कोस की परिक्रमा, तेरी सात कोस की परिक्रमा, 
और चकलेश्वर विश्राम, विश्राम, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

//श्री गिरिराज धरण की जय//



श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।

तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।

गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।








श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, 
तोपे चढ़े दूध की धार, ओ धार, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।।

तेरे कानन कुंडल साज रहे, तेरे कानन कुंडल साज रहे, 
ठोड़ी पे हिरा लाल, ओ लाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तेरे गले में कंठा सोने को, तेरे गले में कंठा सोने को, 
तेरी झांकी बनी विशाल, विशाल, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

तेरी सात कोस की परिक्रमा, तेरी सात कोस की परिक्रमा, 
और चकलेश्वर विश्राम, विश्राम, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो, 
श्री गोंवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।।

//श्री गिरिराज धरण की जय//



श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।

तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।

गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।

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