बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
दूर दूर बैठे हैं लेकिन
प्रेम तो फिर भी है ना
बोलो है ना
है ना
है ना
होऽऽ
एक डाल पर तोता बोले
बरसाने में राधा बैठी
एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर मैना
दूर दूर बैठे हैं लेकिन
प्यार तो फिर भी है ना
बोलो है ना
है ना
है ना
हो
होऽऽ बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
एक दूजे के नैनों की निंदिया
और एक दूजे दिल का चैना
बोलो है ना
है ना
है ना
होऽऽ
होऽऽ बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर मैना
मैं तेरे नैनों की निंदिया
तू मेरे दिल का चैना
बोलो है ना
है ना
है ना
एक डाल पर तोता बोले
ये क्या मुझको हो गया साजन
कभी रोऊँ कभी गाऊँ
जिस दिन उनको ना देखूँ तो
विरह से मर मर जाऊँ
ये पागलपन कैसा
कब से हो गया ऐसा
बिन बतलाए समझो साजन
आज नहीं कुछ कहना
बोलो है ना
है ना
है ना
है ना
होऽऽ बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
ये क्या मुझको हो गया साजन
कभी रोऊँ कभी गाऊँ
पेड़ से लिपटी बेल जो देखूँ
लाज से मर मर जाऊँ
ये पागलपन कैसा
कब से हो गया ऐसा
बिन बतलाए समझो साजन
आज नहीं कुछ कहना
बोलो है ना
है ना
है ना
है ना
एक डाल पर तोता बोले
आँधी आए तूफाँ आए
या बरसे बरसातें
इन दोनो में खो जाएँ हम
और ख़त्म ना हो दिन रातें
ख़त्म ना हो दिन रातें
इनसे प्रेम की बातें
दुनिया अगर खामोश रहें तो
गा उठेंगे हम
है ना
बोलो है ना
है ना
है ना
है ना
होऽऽ बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
आँधी आए तूफाँ आए
या बरसे बरसातें
इक दूजे में खो जाएँ हम
ख़त्म ना हो दिन रातें
ख़त्म ना हो दिन रातें
मीठी प्यार की बातें
होंठ अगर खामोश रहें तो
बोल उठेंगे नैना
बोलो है ना
है ना
है ना
है ना
बरसाने में राधा बैठी
और नंद गांव में कान्हा
दूर दूर बैठे हैं लेकिन
प्रेम तो फिर भी है ना
बोलो है ना
है ना
है ना
होऽऽ
बोलो है ना
है ना
एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर मैना
दूर दूर बैठे हैं लेकिन
प्यार तो फिर भी है ना
बोलो है ना
है ना
है ना
हो
बोलो
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