Saturday, August 2, 2025

भजन –> बाबा तेरे ही भरोसे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।

बाबा तेरे ही भरोसे भोलेनाथ, सागर में नैया डाल दै।

काहे की तो नाव बनाई काहे की पतवार।
भोले, काहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
वामे, काहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।

काठ की तो नाव बनाई बांस की पतवार
काठ की तो नाव बनाई बांस की पतवार
बाबा, काठ की तो नाव बनाई बांस की पतवार
वामे, लोहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
वामे, लोहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।

बाबा तेरे ही भरोसे भोलेनाथ सागर में नैया डाल दै।
राम बैठे, लक्ष्मण बैठे और सीता बैठी साथ।
मेरा भोला चलावे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।
मेरा बाबा चलावे बेड़ा पार, सागर में नैया डाल दै।

काहे की तो नाव बनाई काहे की पतवार।
भोले, काहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
भक्तों, काहे की लगा दी जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
काठ की तेरी नाव बनी है बांस की पतवार । 
काठ की तेरी नाव बनी है बांस की पतवार । 

विष्णु बैठे, लक्ष्मी बैठी, नारद बैठे साथ
विष्णु बैठे, लक्ष्मी बैठी, नारद बैठे साथ
काहे की तो नाव बनाई काहे की पतवार।
भोले, काहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
मेरा बाबा चलावे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।
बाबा तेरे ही भरोसे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।

काहे की तो नाव बनी है, काहे की पतवार।
काहे की तो नाव बनी है, काहे की पतवार।
भोले, काहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै।
काठ की तेरी नाव बनी है बांस की पतवार । 
काठ की तेरी नाव बनी है बांस की पतवार । 
बाबा, लोहे की लगाई जंजीर, सागर में नैया डाल दै। 2

राधा बेठी, रुक्मण बैठी, कृष्णा बैठे साथ। 
राधा बेठी, रुक्मण बैठी, कृष्णा बैठे साथ। 
मेरा बाबा चलावे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।
बाबा तेरे ही भरोसे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।

बाबा तेरे ही भरोसे भोलेनाथ, सागर में नैया डाल दै।

ससुर बैठे, ससुल बैठी, बहुएं बैठी साथ । 
ससुर बैठे, ससुल बैठी, बहुएं बैठी साथ । 
मेरा बाबा चलावे मेरी नाव, सागर में नैया डाल दै।
मेरा बाबा लगावे बेड़ा पार, सागर में नैया डाल दै।

बाबा तेरे ही भरोसे भोलेनाथ, सागर में नैया डाल दै।











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